Ayushman Card Update 2026 सरकार ने नए साल पर किया बड़ा बदलाव

Sarkari Yojana

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By Dheeraj Tiwari

Ayushman Card Update 2026: अगर आपने अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाया है! तो आप सभी के लिए आज का यह आर्टिकल काफी महत्वपूर्ण होने वाला है! सरकार ने आयुष्मान कार्ड को लेकर रातोंरात बड़ा बदलाव किया है! आपको बता दें कि अगर आपने भी गलती कर दी है! तो अब आपको मुफ्त इलाज का फायदा नहीं मिलेगा!

Ayushman Card Update 2026

आपको बता दें कि अब सरकार की तरफ से जो बड़ा बदलाव किया गया है! उसके मुताबिक नए आयुष्मान कार्डों के लिए आधार ईकेवाईसी जरूरी कर दिया गया है! आपको बता दें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने यह बड़ा फैसला लिया है! जिसके तहत बेनिफिशरी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम यानी कि बीआईएस 2.0 लागू किया गया है!

सरकार ने नए साल पर किया बड़ा बदलाव

अब आपको बता दें! कि आयुष्मान कार्ड में नए सदस्य जोड़ने का विकल्प भी सीमित कर दिया गया है! इसके अलावा आयुष्मान कार्ड में संदिग्धों की पहचान करने के लिए एआई तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है! जिससे संदिग्ध कारणों की पहचान की जा सके और जो लोग संदिग्ध हैं उन्हें बाहर किया जा सकेगा!

आपको बता दें! कि उत्तर प्रदेश में कई जिलों में लगातार कार्यवाही जारी है! लखनऊ में अब तक 61,932 संदिग्ध कार्ड चिन्हित हुए हैं! जिनकी जिला स्तर पर जांच की जा रही है और अगर जांच में यह कार्ड संदिग्ध पाए जाते हैं! तो इनके नाम हटाए जा सकते हैं!

आयुष्मान कार्ड आधार ईकेवाईसी

सरकार के नए फैसले के चलते अब सभी लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड आधार ईकेवाईसी के बाद ही बनेंगे! तो इस प्रक्रिया को पूरा करना पड़ेगा! तभी आप लोग आयुष्मान का लाभ उठा सकते है! और मुफ्त इलाज का फायदा उठा सकते है!

सरकार के नए फैसले के तहत नए सदस्य यानी कि ऐड मेंबर जोड़ने के विकल्प को भी खत्म किया गया है! हालांकि एसईसीसी 2011 के तहत बचे हुए परिवारों में ही इस विकल्प का प्रयोग करते हुए परिवार में नए सदस्य जोड़े जा सकते है!

आयुष्मान कार्ड को लेकर बड़ा अपडेट

आपको बता दें! कि आयुष्मान कार्ड में संदिग्ध कार्डों की पहचान करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण एआई आधारित तकनीक और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर से संदिग्ध कार्डों को पहचान कर रहा है! जिसके बाद से संदिग्ध कार्डों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी! उनके नाम को हटाया जाएगा!

एआई तकनीक की वजह से संदिग्ध कार्डों की स्वयं ही पहचान हो जा रही है! और ऐसे में तुरंत ऐसे कार्डों का इलाज भी रोक दिया जा रहा है! इसके बाद कार्ड की जांच ऑडिटर से कराई जा रही है! और अगर कार्ड सही पाए जाते है! तो उन्हें संदिग्धों की श्रेणी से हटा दिया जाता है!

आयुष्मान कार्ड का भौतिक सत्यापन करवाया जा रहा है

लखनऊ के अधिकारियों की तरफ से बताया गया है! कि साल 2018 से अब तक बनाए गए कुल आयुष्मान कार्ड में से 61932 कार्ड चिन्हित किए गए है! और इनकी जांच जिला स्तर पर फील्ड इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर यानी कि एफआईओ कर रहे है!

और अब तक बताया गया है कि 48435 आयुष्मान कार्ड का भौतिक सत्यापन भी कराया जा रहा है! सभी जिला अधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों यानी सीडीओ, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों यानी कि सीएमओ को संदिग्ध कार्डों का डिटेल उपलब्ध कराते हुए जांच के निर्देश भी दिए गए हैं!

आपको बता दें! कि उत्तर प्रदेश में आयुष्मान कार्ड जो फर्जी हैं, संदिग्ध हैं, उन्हें हटाने की कार्यवाही की जा रही है! और इसके लिए जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और सीएमओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है!

आयुष्मान कार्ड कैसे बनायें

यहां आपको एक और जानकारी दे देते है! कि अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड अगर आपने अभी तक नहीं बनवाया है! तो उसे कैसे आप घर बैठे ही आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं! आपको बता दें कि आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए मोबाइल फोन की जरूरत है! क्योंकि इसमें आपका ओटीपी वेरिफिकेशन आएगा! तो घर से कैसे आयुष्मान कार्ड बनाएं वो आपको बताता हूं!

  • आयुष्मान ऐप में लॉगिन करना होगा!
  • लॉग इन एक बेनिफिशअरी चुनें!
  • मोबाइल नंबर दर्ज करें! नंबर से ओटीपी वेरिफिकेशन करें!
  • फॉर्म के स्कीम में पीएमजेएवाई और राज्य का नाम दर्ज करें!
  • सर्च बाय वाले ऑप्शन पर आधार नंबर, फैमिली आईडी या राशन कार्ड नंबर भरना होगा!
  • कैप्चा कोड भरें! पात्र होने पर आप कार्ड बना सकते हैं!
  • केवाईसी पूरा करने के बाद पीडीएफ डाउनलोड हो जाएगा!
  • तो इस तरीके से आप घर बैठे ही आयुष्मान कार्ड बना सकते हैं!
  • लेकिन अब संदिग्ध कार्डों पर सरकार की तरफ से एक्शन लिया जाने वाला है!

यह भी देखें: https://vlesociety.com/pm-awas-yojana-2026/

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