आज के डिजिटल युग में CSC VLE भाइयों के लिए सरकार लगातार नए-नए आय के अवसर प्रदान कर रही है। इन्हीं में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और भरोसेमंद सेवा है टेली लॉ सेवा।
टेली लॉ भारत सरकार के न्याय विभाग एवं CSC द्वारा संयुक्त रूप से संचालित एक निःशुल्क कानूनी सलाह सेवा है, जिसका उद्देश्य गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद नागरिकों तक न्याय को सरल रूप से पहुँचाना है।
इस सेवा के माध्यम से CSC VLE अपने गाँव, कस्बे और शहर के लोगों को घर बैठे कानूनी सलाह दिला सकते हैं और साथ ही प्रतिमाह ₹3000 तक की अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं।

टेली लॉ सेवा कैसे कार्य करती है
CSC VLE टेली लॉ पोर्टल पर किसी भी नागरिक का केस रजिस्टर करता है। केस रजिस्ट्रेशन के बाद उसी मोबाइल नंबर पर योग्य वकील का सीधा कॉल आता है और वकील संबंधित व्यक्ति को पूरी कानूनी जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान करता है।
इस प्रक्रिया में:
- किसी भी प्रकार का दस्तावेज़ अपलोड नहीं करना होता
- केवल मोबाइल नंबर आवश्यक होता है
- कानूनी सलाह पूर्णतः निःशुल्क होती है
- सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है
किन मामलों में सलाह मिलती है
टेली लॉ सेवा के माध्यम से निम्नलिखित मामलों में कानूनी सलाह उपलब्ध कराई जाती है:
- भूमि एवं संपत्ति विवाद
- घरेलू हिंसा
- साइबर फ्रॉड
- चेक बाउंस मामला
- दहेज, तलाक एवं भरण-पोषण
- अनुसूचित जाति / जनजाति अत्याचार
- बाल श्रम एवं बाल अधिकार
- एफआईआर, गिरफ्तारी एवं जमानत संबंधी जानकारी
CSC VLE की कमाई कैसे होती है
CSC VLE को प्रत्येक सफल टेली लॉ केस पर प्रोत्साहन राशि (Incentive) प्राप्त होती है। यदि कोई VLE प्रतिदिन केवल 2 से 3 केस भी दर्ज करता है, तो वह आसानी से प्रतिमाह ₹3000 या उससे अधिक कमा सकता है।
इस कार्य में:
- कोई निवेश नहीं है
- कोई जोखिम नहीं है
- सेवा पूरी तरह सरकारी एवं अधिकृत है
टेली लॉ पोर्टल लॉगिन लिंक
टेली लॉ का आधिकारिक पोर्टल है:
https://tele-law.in/auth/login
जो VLE पहली बार पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें अपनी प्रोफाइल अपडेट करना अनिवार्य है।
OTP मोबाइल पर कॉल के माध्यम से प्राप्त होता है।
निष्कर्ष
टेली लॉ सेवा CSC VLE के लिए एक सुनहरा अवसर है जिसमें:
- सरकारी सेवा का कार्य
- आम नागरिकों की सहायता
- और अतिरिक्त मासिक आय
तीनों लाभ एक साथ प्राप्त होते हैं।
यदि आप CSC VLE हैं, तो आज ही टेली लॉ सेवा शुरू करें और अपनी मासिक आय बढ़ाएँ।
जय CSC
जय डिजिटल इंडिया