New Insurance Bill | New Insurance Bill India

Sarkari Yojana

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By Dheeraj Tiwari

New Insurance Bill: इंश्योरेंस के प्रीमियम को लेकर अक्सर लोग परेशान रहते हैं! कम कमाई और मोटा प्रीमियम इसलिए लोगों की परेशानी और भी बढ़ जाती है! लेकिन अब सरकार ने लोगों को बड़ी सौगात दी है!

क्योंकि संसद से नया इंश्योरेंस बिल पास कर दिया गया है! जिसका सीधा-सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ने जा रहा है! और इसका असर प्रीमियम पर भी पड़ेगा जो लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है!

New Insurance Bill

दरअसल संसद ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी कि एफडीआई की सीमा 74% से बढ़ाकर 100% करने वाले विधेयक को पारित कर दिया! इससे बीमा कवरेज बढ़ने, प्रीमियम कम होने और रोजगार सृजन में वृद्धि होने की उम्मीद है! सबका बीमा, सबकी रक्षा विधेयक 2025 को लोकसभा में मंजूरी दे दी गई! इसके बाद यह राज्यसभा में भी ध्वनि मत से पारित कर दिया गया!

संसद में पास न्यू इंश्‍योरेंस बिल

संसद ने विपक्ष द्वारा लाए गए कई संशोधनों को भी खारिज कर दिया! जिसमें विधेयन को गहन समीक्षा के लिए संसदीय समिति के पास भेजने का भी प्रस्ताव शामिल था! विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा इन संशोधनों से विदेशी कंपनियों को बीमा क्षेत्र में अधिक पूंजी लाने की अनुमति मिलेगी!

2014 में सत्ता संभालने के बाद से हमारी सरकार ने बीमा क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं! हमारा मानना है! कि वास्तविक विकास के लिए हमारे लोगों, व्यवसायों और कृषि के लिए व्यापक बीमा कवरेज आवश्यक है! सीतारमण ने सदन को सूचित किया कि क्षेत्र के खुलने से देश में बीमा की पहुंच बढ़ाने में मदद मिली है!

उन्होंने विश्वास जताया कि अधिक कंपनियों के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और प्रीमियम में कमी आएगी! रोजगार के मोर्चे पर कुछ सदस्यों की चिंताओं को दूर करते हुए सीतारमण ने यह भी कहा! कि इसके विपरीत संशोधनों के बाद रोजगार के और अधिक अवसर पैदा होंगे! उन्होंने कहा कि कर्मचारियों एजेंट और माइक्रो एजेंट की संख्या 2014-15 में 30 लाख से बढ़कर 2024-25 में लगभग तीन गुना यानी कि 88 लाख हो गई!

New Insurance Bill India

सीतारमण ने विदेशी बीमा कंपनियों द्वारा लाभ अपने देश भेजने की चिंताओं का भी समाधान किया! उन्होंने कहा कि बीमा नियामक आईआरडीएआई ने निर्धारित किया है! कि सभी बीमा कंपनियों को न्यूनतम 1.5 का सॉल्वेंसी अनुपात बनाए रखना होगा! जिसका अर्थ है कि परिसंपत्तियां देनदारियों से डेढ़ गुना होनी चाहिए!

वित्त मंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियां सरकार की सभी जन सुरक्षा योजनाओं और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं! उन्होंने इस चिंता को भी दूर किया कि संशोधनों से LIC की वैधानिक मान्यता कमजोर होगी!

उन्होंने कहा कि हम वास्तव में LIC को सशक्त बना रहे हैं। LIC को जनता का विश्वास प्राप्त है! और वह अपेक्षाओं के अनुरूप अच्छा प्रदर्शन कर रही है! अब जनता की भलाई के लिए ही हमने एफडीआई का फैसला लिया है! और अगर 100% एफडीआई होगा तो इससे प्रीमियम भी कम होगा और साथ ही रोजगार भी बढ़ेंगे!

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