New Mgnrega Yojana: केंद्र सरकार ग्रामीण इलाकों में रोजगार से जुड़ी एक नई योजना लाने की तैयारी कर रही है! इस नई योजना के लागू होने के बाद मौजूदा मनरेगा योजना को खत्म कर दिया जाएगा!
New Mgnrega Yojana
मनरेगा यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम साल 2005 से देश में चल रहा है! जिसके तहत ग्रामीण लोगों को साल में 100 दिनों का रोजगार मिलता था! अब सरकार इस रोजगार की जगह एक नया कानून लाने जा रही है! जिसका नाम विकसित भारत रोजगार और अजीविका गारंटी मिशन रखा गया है! इसे संक्षेप में वीबी जी राम जी बिल 2025 कहा जा रहा है!
अब New Mgnrega Yojana में 125 दिन का मिलेगा रोजगार
सरकार का कहना है! कि यह नई योजना किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए ज्यादा फायदेमंद होगी! इस योजना के तहत रोजगार के दिन 100 दिन से बढ़ाकर 125 कर दिए जाएंगे! साथ ही मजदूरों को खेती और खेती से जुड़ी गतिविधियों के काम करने की ज्यादा आजादी मिलेगी!
अब लोग अपने ही खेतों में काम कर सकेंगे और उसे भी रोजगार के तौर पर गिना जाएगा! इससे खेती के सीजन में मजदूरों की कमी की समस्या भी कम होगी जो पहले अक्सर सामने आती थी!
मनरेगा खत्म…अब नई रोजगार स्कीम में होगी पैसों की बारिश?
नई योजना में राज्यों को ज्यादा अधिकार दिए जाएंगे! राज्य सरकारें यह तय कर सकेंगी! कि उनके यहां किस तरह के काम ज्यादा जरूरी है! और मजदूरों का इस्तेमाल कहां किया जाए! खेती के सीजन में राज्यों को यह अधिकार होगा!
कि वह साल में अधिकतम 60 दिन तक सार्वजनिक काम रोक सकें! ताकि मजदूर खेतों में काम कर सकें! हालांकि यह रोक लगातार 60 दिनों की नहीं होगी बल्कि 10 से 15 दिन के अंतराल में होगी! ताकि विकास कार्य पूरी तरह ना रुके!
MGNREGA Name Change
इस नई योजना में केंद्र और राज्य सरकार दोनों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं! पहले मनरेगा में पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती थी! लेकिन अब सामान्य राज्यों में खर्च 60 40 के अनुपात के केंद्र और राज्य मिलकर करेंगे! वहीं पूर्वोत्तर और हिमालयन राज्यों के लिए यह अनुपात 90 10 रहेगा! इससे राज्य सरकारों की जवाबदेही भी बढ़ेगी! और काम व फंड की निगरानी बेहतर होगी!
योजना के तहत हर ग्राम पंचायत के लिए विकसित ग्राम पंचायत प्लान बनाया जाएगा! इसे पीएम गति शक्ति योजना से जोड़ा जाएगा! ताकि एक ही काम बार-बार ना हो और गांव की असली जरूरतों के हिसाब से विकास हो! जैसे अगर किसी गांव में आंगनबाड़ी, भवन या सड़क की जरूरत है तो उसी के अनुसार काम और पैसा दिया जाएगा!
मजदूरों के लिए नई योजना कितनी फायदेमंद?
पंचायतों को उनके काम के आधार पर ए, बी और सी ग्रेड में बांटा जाएगा ताकि कम विकसित पंचायतों पर ज्यादा ध्यान दिया जा सके! डिजिटल व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा! मजदूरों की उपस्थिति डिजिटल होगी! आधार आधारित सत्यापन होगा और पैसा सीधे खाते में भेजा जाएगा!
अगर समय पर काम नहीं मिला तो बेरोजगारी भत्ता देना राज्य के लिए जरूरी होगा! प्राकृतिक आपदा के समय भी इस योजना के तहत काम दिया जाएगा! इस योजना के लिए सरकार ने करीब ₹1 करोड़ 51 लाख का बजट तय किया है! हालांकि इस योजना के नाम को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े कर दिए हैं!
विपक्ष का कहना है कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना सही नहीं है! कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और टीएमसी सांसद ने इसे महात्मा गांधी का अपमान बताया है! उनका कहना है कि नाम बदलने से खर्च भी बढ़ेगा और इसका कोई खास फायदा नहीं है! सरकारों और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर अभी बहस तेज़ हो गई है!
यह भी देखें: https://vlesociety.com/new-insurance-bill/